National Discussion

“Sole element of Indian languages” National discussion took place at Central Institute of Hindi, Siddharth Nagar, Mysore in collaboration with department of Hindi St. philomena’s college (autonomous) bannimantap, Mysore. around 156 students have participated and four resource persons from different parts of India successfully completed 4 sessions per day. The topic also extended towards employment in Hindi language as today profession is only means doctors, engineers, lawyers but also by selecting  languages. Language  is not only made for communication but also as profession or identification. Akashvani, newspaper, Central Government jobs, banks, translation works and many more opportunities are the field where master degree students can grow their identity by languages . In picture Hindi students of St. philomena’s college with HOD Dr. Poornima Umesh Dr Rekha Agarwal assistant professor higher education Mysore University, Dr Ram Niwas Sahu ,Regional Director Central Institute of Hindi Mysore and Dr. Rishabh Dev Sharma, Ex professor and secretary Dakshina Bharat Hindi prachar Sabha, Hyderabad

“भारतीय भाषाओं में एकल तत्व” यह विषय आज के राष्ट्रीय परिचर्चा का विषय रहा जो केंद्रीय संस्थान मैसूर और हिंदी विभाग, सेंट फिलोमिनास कॉलेज मैसूर दोनों के सहयोग से आयोजित था l साथ ही साथ भाषा को न केवल संपर्क माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं बल्कि इससे व्यक्ति अपना पहचान बना सकता है l यह सत्र रहा – हिंदी में रोजगार विषय पर l देश के विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञों का सत्र परिचर्चा में आयोजन किया गया था l चित्र में है हिंदी विभाग सेंट फिलोमिना कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ डॉ रामनिवास साहू जी, क्षेत्रीय निदेशक केंद्रीय हिंदी संस्थान डॉ ऋषभ देव शर्मा जी, पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा हैदराबाद डॉ रेखा अग्रवाल ,उच्च शिक्षा हिंदी विभाग मैसूर विश्वविद्यालय और  सेंट फिलोमिना कॉलेज( स्वायत्त) के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ पूर्णिमा उमेश l